मेरा कौन

मेरा कौन न मान मेरा न अपमान मेरा, न पीड़ा मेरी न स्नेह मेरा, न दर्द मेरा न चैन मेरा, न विरह मेरी न नेह-बंधन मेरा, न माया मेरी न देव मेरा, न सांस मेरी न शरीर मेरा, गहन उतरूँ तो कुछ नहीं मेरा, जब मैं ही नहीं, फिर कौन मेरा ? मेरा कौन ? [...]

चुनौती स्वीकार है

चुनौती स्वीकार है तुम उजाले चुन लो, हम अँधेरों से लड़ेंगे उम्र भर, तुम्हारी याद में जलेंगे, पर उफ् न लाएँगे लबों पर, न शिकवा करेंगे न शिकायत ही कोई, कोई जिक्र तुम्हारा करे तो हो जाएँगे बेखबर, न मुड़कर देखेंगे, न आवाज़ ही देंगे, करीब से गुज़रना पड़ा तो गुज़रेंगे अजनबी बनकर, तुम बहारों [...]

मैं और मेरे कातिल

मैं और मेरे कातिल कतरा-कतरा रोज़ मरा करते हैं, हम अपने कातिल साथ लिए चलते हैं । बड़े दिलदार हैं ये, गुनहगार खुद को करते हैं, कहने को तो खुदा से, ये भी डरा करते हैं । यूँ तो हँसना हमारा था कसूर, इनकी नज़र, अब कभी न मुस्कुराने का, इल्ज़ाम हम पर धरते हैं [...]

ज़रा देर से आना

ज़रा देर से आना जीवन की साँझ अभी धूप सिर पर घनेरी है बोझ है कुछ कदमों में भारी और दूर बहुत मेरी मंजिल है चलना है हँसकर, साथ हैं साथी थकान छुपा कर रखनी है। ज़रा देर से आना अभी काम बहुत हैं करना मेरी मजबूरी है कुछ मीठी यादें कैद हैं दिल में [...]

कुछ तो बात है

कुछ तो बात है तेरे न होकर भी होने में हर कोना मेरे घर का डूबा है तेरी नज़म में तेरी मौजूदगी का आलम कुछ इस तरह जवाँ है कि वो अब भी बसी हुई है मेरे घर की हर धड़कन में तेरा अहसास ही है काफी मेरे छोटे से नशेमन को बिखरी हुई हैं [...]

वो शख्स/Wo Shaqs-

वो शख्स-जो बुझा बुझा सा नज़र आता है आज,उसे जलाया गया था, उम्मीदों के कारखानों में कभी,वो तबदील न हुआ रातों रात राख में यूँ ही,उसे तपाया गया था हिकारत की आतिशों से कहीं,कभी मुस्कुराती थी मासूमियत अक्स में जिसके,अब एक सर्द सी खामोशी पसरी है वहीं,कितना बेज़ार सा मंज़र है उस तन्हाई का,जो उसने [...]

बहुत हुआ

बहुत हुआ- लिबास ए जिंदगी ओढ़ कर चलते चलते, चल जनाजे के उस पार देखें होता क्या है ? जिस्मों की कैद में बंद हैं जो मजबूर रूहें, उनकी जश्न-ए-आजादी का नज़ारा क्या है? वो कलम जो लिखती है तकदीरें सबकी, उस कलम को चलाने वाली वो शय क्या है? दीदारे जुस्तजू से आबाद हैं [...]

दुआ क्या माँगें

हाथ उठाएं तो दुआ क्या माँगें? तकदीर से लड़कर भागें तो कहाँ भागें? जहाँ दरख्त भी शामिल हों साज़िश में वहाँ परिंदे आशियां आखिर कहाँ माँगें? इन अंधेरों से अब समेटने को कहो अपना वजूद जलते दियों की लो आखिर कब तलक जागे? हर आस बुनती रही खुद को आज तक जिनसे, थक कर चटकने [...]

Happy Deepawali!

इस दीवाली कुछ रोशन कर जाते हैं, चलो कुछ दीप मन के अंदर जलाते हैं, जो हाथ छूट गए कहीं राह में चलते हुए, जो अपने रूठ गए यूँ ही बात करते हुए , चलो आज चल कर उन्हें फिर मनाते हैं, जीवन में प्यार के कुछ लम्हे जलाते हैं, इस दीवाली कुछ रोशन कर [...]

यहीं इसी किनारे

तपते सूरज को अपनी ताप मिटाने पानी में घुलते देखती, वो सांझ किनारे खड़ी जिंदगी, आज बहुत उदास लगी। पूछने पर एक मुस्कुराहट का बोझ लिए बोली, यूँ तो सब मुझे जिंदगी बुलाते हैं, लेकिन मुझे भी मौत के उस पार जाने वाले बहुत याद आते हैं। मेरी किताब के पन्नों को, अपनी रंग बिरंगी [...]

तुम भी भूल न जाना

भूली नहीं हूँ, तेरी उन दिल छूने वाली शरारतों को उन प्यारी मीठी यादों को वो रात भर की गई बातों को वो बेफ़िक्री में दी हिदायतों को उन आँखों की गहराइयों को उन लबों पर ठहरे अल्फाज़ों को उन कहकहों की आवाज़ों को तेरा वो चलना साथ मेरे सब सुख और दुःख जो साथ [...]

Tooth Fairy

Life is sum up of little poetic stories scattered all over the years we travel... One such interesting incident of my childhood I want to share today- “No we are not enough. I want a brother. I want it, I want it, I want it and that’s it.” My younger sister who was five or [...]

जिंदगी तुझसे कुछ और भी चाहिए

जिंदगी तुझसे कुछ और भी चाहिए जिंदगी तुझसे, कुछ और भी चाहिए, थोड़ा सुकून थोड़ा जुनून थोड़ा नूर भी चाहिए। बस साँस लेने भर का ही, नाम तो नहीं जिंदगी, जिंदा रहने के लिए इक लो भी जलनी चाहिए। तू लो जला मैं जल सकूँ इस आग में मैं तप सकूँ, तेरे ताप में मेरे [...]