और यूँ हम एक रात और जी गए

और यूँ हम एक रात और जी गए । ______________________________ मेरे आँसुओं को मेरे सब दर्द पी गए, और यूँ हम एक रात और जी गए। ज़ख़्म तो बहुत छोड़े वक़्त ने रूह पर मगर, बड़ी सफाई से उसका दिया हर ज़ख़्म सी गए। उम्र लंबी थी गम-ए-रात की हिज्र की तरह, इंतखाब की कोई [...]