मैं अमृता नहीं हो सकती

लेखिका होना आसान है लेकिन लिखना आसान नहीं, हर बार जब कलम उठती है तो शब्द मन से कागज़ पर आते-आते खुद ही बदल जाते हैं । उन्हें भी पता है कि ऐसे के ऐसे उतर गए तो बहुत से प्रश्नचिन्हों से घेर लिए जाएँगे। वो प्रश्नचिन्ह उन्हें डराते हैं । तो कभी साँप बन [...]

कौन समझे

कौन समझे वो इक हिज्र की रात कैसे कटी उक़ूबत के साथ और उस पर ये सितम सहर आई भी तो खाली थे हाथ ना यार-ए-वस्ल हासिल ना खुदा ही मिला इश्क वालों का आखिर कसूर क्या था?

Happy Deepawali!

इस दीवाली कुछ रोशन कर जाते हैं, चलो कुछ दीप मन के अंदर जलाते हैं, जो हाथ छूट गए कहीं राह में चलते हुए, जो अपने रूठ गए यूँ ही बात करते हुए , चलो आज चल कर उन्हें फिर मनाते हैं, जीवन में प्यार के कुछ लम्हे जलाते हैं, इस दीवाली कुछ रोशन कर [...]

यहीं इसी किनारे

तपते सूरज को अपनी ताप मिटाने पानी में घुलते देखती, वो सांझ किनारे खड़ी जिंदगी, आज बहुत उदास लगी। पूछने पर एक मुस्कुराहट का बोझ लिए बोली, यूँ तो सब मुझे जिंदगी बुलाते हैं, लेकिन मुझे भी मौत के उस पार जाने वाले बहुत याद आते हैं। मेरी किताब के पन्नों को, अपनी रंग बिरंगी [...]

तुम भी भूल न जाना

भूली नहीं हूँ, तेरी उन दिल छूने वाली शरारतों को उन प्यारी मीठी यादों को वो रात भर की गई बातों को वो बेफ़िक्री में दी हिदायतों को उन आँखों की गहराइयों को उन लबों पर ठहरे अल्फाज़ों को उन कहकहों की आवाज़ों को तेरा वो चलना साथ मेरे सब सुख और दुःख जो साथ [...]

The Field

Percussive# daily prompt # season 4# attempt 26 With Percussive beats of heart Wandering thoughts Sometimes break boundaries Start thinking the unthinkable Lost in fantasy world Love to feel In beautiful dreams The rhythmic dance steps On lyrics that are hidden deep within Enjoying the taste of the kiss Without meeting of the lips This [...]

सहर

यादों की गलियों से गुजर पुरानी सड़कों से निकल किसी मोड़ पर जकड़ न कर परेशान ऐ जिंदगी डर है अगर खो जाऊँ वहाँ तो फिर कभी लौट कर आऊँ या नहीं खूबसूरत ही सही, मगर यादें हैं वो भटक कर होगा हासिल कुछ भी नहीं यादों को यादों में ही छोड़ चल किसी ओर [...]

Gratitude

Simmer # daily prompt # season 4# attempt 2 Among all my thoughts That Simmer in silence Of the heart The most precious one are Those Which are full of gratitude... Hope the heat of those Reach you too To warm your heart That helped me rise above My state of ignorance Towards divinity and bliss [...]

Mystery of heart 

Mystery # daily prompt# season 4# attempt 1 Mystery of heart Remains unsolved till last With some unknown familiar We feel electric jolt Though spending full life With so called our own Doesn't let us Share this heart... Mystery of heart Remains unsolved till last Someone stays calm Even in the storms And the silence has [...]

Let’s Rise 

Ascend # daily prompt  Love never ask you to fall It helps to Ascend And transform If you are falling in love Then you haven't understood the term It is more of a business The transactions of heart Which are pulling you apart Real love, helps us to connect Giving full freedom The two souls feel [...]

Enlighten

Enlighten# daily prompt Dark clouds enveloping from all sides Blocked my sight Like a strong beam of sun rays You came and ended the dark night Your light Enlighten my way Now brightly I shine Under realm of knowledge That you bestowed on me Thanks for being such a special guide! Copyright 2017 Meenakshi Sethi, [...]

मंजिलों का सफर 

कई बार चलते कदम  पहुँचे मंजिलों तक मंजिल से आगे मिले मगर  फिर कई रास्ते  हर राह पहुँचाती है  नई मंजिल पर जहाँ पहुँच  कदम फिर चुन लेते हैं  एक नया सफर  सिलसिले यूँ ही चलते हैं  चलने के मगर पीछे छूट जाता है कहीं  मंजिलों का सफर  क्यों चैन आता नहीं  राही को कभी  [...]

Sync 

Educate#daily prompt  Educate your heart To stay calm During calamities And hard times Educate your mind To stay wise During such times Mind and heart Should work in sync When rough waters of fate Sweep over them Shaking their ground Making them believe They are losing this fight! ©2017, Meenakshi Sethi, Wings Of Poetry 

Missing You 

Missing you night and day bro. Lots n lots of love! सब कहते हैं मैं रिहा करूँ तुझे  बता कैसे खुद से जुदा करूँ तुझे  तू याद हो तो भुला भी दूँ  तू ख्याल हो तो हटा भी दूँ  तेरी रूह से जो मेरा रिश्ता है मैं कैसे उसे मिटा सकूँ ? सब कहते हैं [...]

अलविदा/ Alvida

रुक गईं साँसें तेरी  थम गई कलम मेरी  अब जो बहता है वो दर्द है  अब जो थमता है वो वक्त है चलती हैं साँसें मेरी  पर रुक गई जिंदगी वहीं  जहाँ अलविदा कहा तुझे  वहीं खुद से मैं जुदा हुई। Ruk gayi sansein teri Thum gayi kalam meri Ab jo behta hai vo dard [...]

राब्ता

हवा के झोंकों की तरह किन शहरों से निकले किन गलियों में टकराए किस देश में खो गए? अजनबी से लो फिर आज हम अजनबी ही हो गए । जिंदा हूँ हैरान हूँ इन आती जाती साँसों पर मुझे लगा जान मेरी तुम जाते जाते ले गए न जाने जिंदा लाश हूँ या कोई भरम [...]

Fading Away

Distant#Daily Prompt #Season 2#Attempt 83 With every moving step in different directions With every passing minute without interaction With every negative thought sinking within With every criticism coming towards me With every day of dramas and tortures With every sign of disrespect With every increasing long silence With every sign of decaying relation I am [...]

शब्द/ Words

शब्दों की धारा जब बहती है तब कोई कविता कहती है... मन के गलियारों से निकल भावों में जब वह ढलती है आँखों से मोती बन बहती है तब कोई कविता कहती है शब्दों की धारा जब बहती है... हर कोने से निकल फिसल तेज नदी सी स्वच्छंद मग्न सब बाँध तोड़ के रहती है [...]