दुआ क्या माँगें

हाथ उठाएं तो दुआ क्या माँगें? तकदीर से लड़कर भागें तो कहाँ भागें? जहाँ दरख्त भी शामिल हों साज़िश में वहाँ परिंदे आशियां आखिर कहाँ माँगें? इन अंधेरों से अब समेटने को कहो अपना वजूद जलते दियों की लो आखिर कब तलक जागे? हर आस बुनती रही खुद को आज तक जिनसे, थक कर चटकने [...]

तुम भी भूल न जाना

भूली नहीं हूँ, तेरी उन दिल छूने वाली शरारतों को उन प्यारी मीठी यादों को वो रात भर की गई बातों को वो बेफ़िक्री में दी हिदायतों को उन आँखों की गहराइयों को उन लबों पर ठहरे अल्फाज़ों को उन कहकहों की आवाज़ों को तेरा वो चलना साथ मेरे सब सुख और दुःख जो साथ [...]