यहीं इसी किनारे

तपते सूरज को अपनी ताप मिटाने पानी में घुलते देखती, वो सांझ किनारे खड़ी जिंदगी, आज बहुत उदास लगी। पूछने पर एक मुस्कुराहट का बोझ लिए बोली, यूँ तो सब मुझे जिंदगी बुलाते हैं, लेकिन मुझे भी मौत के उस पार जाने वाले बहुत याद आते हैं। मेरी किताब के पन्नों को, अपनी रंग बिरंगी [...]