फिर सुबह होगी

ऐसी बात नहीं है,
हम फिर उठ खड़े होंगे,
शंका और संशय की सीमाओं को लाँघ,
हम फिर बड़े होंगे।

ऐसा नहीं है कि मुझे मालूम नहीं है,
कि आदमी इतना खुदगर्ज़ है,
ऐसा नहीं कि मैंने कभी देखा नहीं,
कि स्वार्थ सिद्धि के लिए,
आदमी को पतन की कोई भी स्थिति,
स्वीकार कर लेने का मर्ज़ है।

लेकिन मन अभी थका हुआ हारा हुआ है,
माफ़ करना नहीं चाहता,
चोट इतनी ताजी है कि,
मस्तिष्क और आत्मा के आइने,
पर पड़े हुए धुंध को,
साफ करना नहीं चाहता।

फिर भी एक बात ज़रूर है,
निश्चित है कि एक दिन,
यह उदास इरादे,
फिर बदल जाएँगे,
और बिखरे हुए हम,
हम फिर संभल जाएँगे।

खंडित प्रतिमाओं को लेकर,
संबंधों के विशलेषण नहीं किए जाते,
जब संपूर्ण अस्तित्व बगावत पर आमदा हो,
तो मानवता पर नए अन्वेषण नहीं किए जाते।

कई बार पहले भी ऐसा हो चुका है,
कि विश्वास का योद्धा,
अविश्वास की चौखट पर झुका है,
पर इतिहास पुनः स्वयं को दोहराता है।

मुझे मालूम है, पुराने घाव फिर भर जाएँगे,
और बेहद ऊबे हुए हम,
हम फिर उभर आएंगे,
अभी टूटे ज़रूर हैं, हम फिर जुड़ जाएँगे
ऐसी बात नहीं है, गिरे हुए हम
हम फिर उठ खड़े होंगे।

किन्तु हम जो तुम्हारे स्वजन हैं, शुभाकांक्षी हैं
जो तुम्हारी पीड़ा को लेशमात्र भी बाँट नहीं सकते,
तुम्हारे इर्द-गिर्द लिपटे हुए,
दर्द के अजगरों को, काट नहीं सकते,
तुम्हारे हाथ में तलवार तो दे सकते हैं,
तुम्हारी लड़ाई में शामिल हो नहीं सकते,
केवल दर्शकों की भांति,
रिंग के चारों ओर खड़े होकर,
बकअप और चियर अप की,
आवाज़ें ही लगा सकते हैं।

तुम्हें आगाह करना चाहते हैं,
इस बचे हुए होश को,
तिनके की तरह पकड़कर,
तुम्हें अभी दूर तक बहना है।
तुम्हें अभी दूर तक बहना है।


This poem was written in 1999 by a well wisher who wrote this for me when I was going through a very hard time in my life. I’m so thankful to the person whose lines saved my life at that time. Now when I look back I could see how important that time was. If those hardships were not came at that time I could never be the person that I am today.

Sometimes we can’t see and understand why He bring us the storms. Trust him in every situation. Just never give up and He will transform us in diamond.

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27 thoughts on “फिर सुबह होगी

              1. Most welcome. No need to write in all english. Google translation is very easy. We can change to our local language. You can continue in your own language. Do everything which you like, not what other people like 🙂 love to read your articles 🙂 stay blessed Meena !!

                Liked by 1 person

  1. It was a beautiful piece. The lines about serpent surrounding and others cheering to fight for longer with a sword in hand is brilliant. Yes, diamonds are formed under high pressure but a lot of price has to be paid to turn into one and not all could withstand the pressure. Many are lost on the way. Thanks for sharing !!

    Liked by 1 person

  2. परिवर्तन संसार का नियम है
    फिर भी एक बात ज़रूर है,
    निश्चित है कि एक दिन,
    यह उदास इरादे,
    फिर बदल जाएँगे,
    और बिखरे हुए हम,
    हम फिर संभल जाएँगे।

    Liked by 1 person

    1. That’s so true Shiva! For me He keep sending one after another whenever I face a challenge that looks impossible to face He sends one of his Angel to help me grow even more stronger. I’m full of gratitude!!

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